अगर किसी कारणवश उन दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न होते हैं, तो उसका निपटारा कर पाना मुश्किल हो जाएगा. इसीलिए इस समस्या से निपटने का एकमात्र विकल्प यही है कि विवाह सूत्र में बंधने वाली लड़कियों की उम्र लड़कों से कम हो. इसका अंतर न्यूनतम पांच वर्ष का होना चाहिए.